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आईवीएफ ET ( भ्रूण प्रस्थापन ) के बाद गर्भावस्था के दौरान रक्तस्त्राव (ब्लीडिंग/स्पॉटिंग)

आईवीएफ (टेस्ट ट्यूब बेबी) इलाज के बाद गर्भावस्था के दौरान एवं भ्रूण प्रस्थापन (एम्ब्र्यो ट्रांसफर – ET) के बाद रक्तस्त्राव या स्पॉटिंग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी।

Dr. Gajendra TomarDr. Gajendra Tomar25 Dec 20202 min read
आईवीएफ ET ( भ्रूण प्रस्थापन ) के बाद गर्भावस्था के दौरान रक्तस्त्राव (ब्लीडिंग/स्पॉटिंग)

आईवीएफ (टेस्ट ट्यूब बेबी) इलाज के बाद गर्भावस्था के दौरान रक्तस्त्राव (ब्लीडिंग/स्पॉटिंग) आईवीएफ में सफलता मिलने के बाद गर्भावस्था के दौरान एवं भ्रूण प्रस्थापन (एम्ब्र्यो ट्रांसफर – ET) के बाद रक्तस्त्राव होना सामान्य बात हो सकती है।

क्या भ्रूण प्रस्थापन के बाद रक्तस्त्राव होना सामान्य बात है?

आंकड़ों के अनुसार आईवीएफ प्रेग्नेंसी में 25% महिलाओं को शुरू के 3 माह में रक्तस्त्राव होने की संभावना होती है। अर्थात हर चार में से एक महिला को आईवीएफ के बाद के पहले 3 महीनों में ब्लीडिंग या रक्तस्त्राव हो सकता है।

भ्रूण प्रस्थापन के बाद रक्तस्त्राव होने पर क्या करना चाहिए?

भ्रूण प्रस्थापन के बाद रक्तस्त्राव होने पर किसी भी मरीज का घबराना एवं डरना स्वाभाविक है। ऐसे में आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना है।

  • प्रोजेस्ट्रॉन हॉर्मोन की खुराक बढ़ाना है। यह गर्भाशय को शिथिल बनाता है जिससे गर्भपात होने का खतरा कम हो जाता है।
  • इंदौर इनफर्टिलिटी क्लिनिक द्वारा प्रोजेस्ट्रॉन की निम्न खुराक तय की गयी है – टेबलेट Duphaston 10 mg की चार गोली एक साथ खा लेनी है।
  • इंजेक्शन Susten 100 mg Intramuscular (कमर) पर लगवाएं।
  • रक्तस्त्राव होने पर क्लिनिक पर पहुंचने की जल्दी ना करें। घर पर आराम करें तथा बताई गयी दवाई व इंजेक्शन अपने घर के आस पास कहीं भी ले लें। इंजेक्शन लगवाने के बाद क्लिनिक पर सूचना दें। आपको उसी दिन या अगले दिन सोनोग्राफी के लिए बुलाया जाएगा।
  • यदि आपको अत्यधिक रक्तस्त्राव या असहनीय दर्द हो, तो आप तुरंत अस्पताल के स्त्री रोग विभाग में आ सकते हैं।
  • जब इमरजेंसी में आयें, तो अपनी फाइल अवश्य साथ लेकर आयें।
  • अगर आप बताई हुई दवाइयां ले चुके हैं और फिर भी कुछ समझना चाहते हैं तो क्लिनिक पर आकर विशेषज्ञ डॉक्टर से मिल सकते हैं।
  • आमतौर पर मरीज को क्लिनिक पर बुलाकर सोनोग्राफी द्वारा गर्भ के सुरक्षित होने की पुष्टि की जाती है।
  • बहुत सारे मामलों में पुनः रक्तस्त्राव हो सकता है जिसमें चिंता की कोई बात नहीं होती। आमतौर पर इस तरह रक्तस्त्राव होने पर गर्भावस्था में कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

अत्यधिक रक्तस्त्राव या असहनीय दर्द होने पर

यदि रक्तस्त्राव बहुत अधिक हो या असहनीय दर्द हो, तो तुरंत अस्पताल के स्त्री रोग विभाग में चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी जाती है।

आमतौर पर रक्तस्त्राव होने के बाद डॉक्टर सोनोग्राफी के माध्यम से गर्भ की स्थिति और सुरक्षा की पुष्टि करते हैं।

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Dr. Gajendra Tomar

Fertility Specialist & Unit Head

Dr. Gajendra Singh Tomar (MD, MRCOG) is the Unit Head and a fertility specialist at Indore Infertility Clinic, with over two decades of experience in obstetrics, gynaecology and reproductive medicine. He founded the clinic and has performed more than 2,500 ovum pick-ups and 3,500 embryo transfers.

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