टेस्ट ट्यूब बेबी या आईवीएफ प्रक्रिया की सफलता दर क्या होती है?

अक्सर आईवीएफ में गर्भधारण के संभावना के विषय में ये समझना मुश्किल होता है की हकीकत में सफलता दर कितनी होती है।कोई 30% से 40% बताता है तो कोई 70% से 80% । ऐसी स्तिथि में निम्न तथ्य समझना ज़रूरी है:

आईवीएफ सम्बंधित कुछ परिभाषाएं :

आईवीएफ सम्बंधित कुछ परिभाषाएं

फ्रेश आईवीएफ : आईवीएफ चक्र में अंडाशय में से अंडे निकालना, शुक्राणु से निषेचित करना, भ्रूण बनाना एवं उसी चक्र में भ्रूणों को गर्भाशय में प्रस्थापित करना

क्रायोप्रिजर्वेशन – बचे हुए भ्रूणों को -196 डिग्री तापमान पर संगृहीत करना

FET (फ्रोज़ेन एम्ब्र्यो ट्रांसफर ) – संगृहीत भ्रुओं को -196 डिग्री से सामान्य तापमान पर लाना एवं गर्भाशय में प्रस्थापित करन। ये प्रक्रिया आईवीएफ चक्र के 1.5 से 2 महीने बाद की जाती है

आइये अब समझते हैं की टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया की सफलता दर सामान्यतः क्या होती है.

यदि 1000 मरीज़ों का टेस्ट ट्यूब बेबी या आईवीएफ द्वारा इलाज किया जाय तो आंकड़े कुछ इस तरह रहेंगे:

टेस्ट ट्यूब बेबी या आईवीएफ प्रक्रिया की सफलता दर

पहले आईवीएफ चक्र के बाद 1000 में से तकरीबन 350 महिलायें गर्भधारण करने में सफल होंगी।

बची हुई 650 महिलायें जब दूसरा प्रयास एफईटी (FET) द्वारा प्रयास करेंगी तो इनमे से 60% यानी 390 महिलाओं को सफलता मिलेगी।

तीसरे प्रयास में यदि बची हुई 260 महिलाओं का FET  किया जाय तो उनमे से 156 महिलाएं गर्भधारण करने में सफल रहेंगी|

अर्थात पहले प्यास में 30% से 40% तक की एकल सफलता दर होती है, एवं तीन प्रयास पश्चात संचित सफलता दर तकरीबन 90% होती है।

अधिकतक मरीज़ों को  1 से  2 प्रयास लगते हैं , अर्थात आईवीएफ की संचित सफलता दर करीबन  89% होती है.

 

 

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