टेस्ट ट्यूब बेबी या आईवीएफ प्रक्रिया में लगने वाला खर्च

आईवीएफ इलाज में निम्नलिखित चीज़ों पर खर्चा होता है:

  • पति एवं पत्नी की संपूर्ण जांचे
  • दवाइयों एवं इंजेक्शंस द्वारा अंडकोष को उत्तेजित करने का खर्च
  • सोनोग्राफी द्वारा अंडो की परिपक्वता का निरंतर निगरानी का खर्च
  • अंडकोष में से अंडे निकलने का खर्च – OPU जो की जनरल एनेस्थीसिया में किया जाता है
  • शुक्राणुओं के संग्रहण का खर्च
  • IVF लेबोरेटरी में भ्रूण बनाने एवं उनकी देखरेख
  • भ्रूण प्रस्थापन का खर्च
  • अतिरिक्त भ्रूणों के संग्रहण या कर्योपरेसेर्वेशन

इन सभी प्रक्रियाओं में से अधिकतर प्रक्रियाओं पर होने वाला खर्च मरीज़ के निजी रिपोर्ट्स पर निर्भर होता है, इसलिए किसी भी इलाज का एक निर्धारित खर्च तय करना मुश्किल है। आईवीएफ का पैकेज एक न्यूनतम एवं अधिकतम खर्च को दर्शाता है।

आपके इलाज पर लगने वाले सटीक खर्च के लिए डॉक्टर से चर्चा करें।

टेस्ट ट्यूब बेबी इलाज इतना मेहेंगा क्यूँ होता है ?

टेस्ट ट्यूब बेबी में लगने वाले इंजेक्शन एवं IVF लैब के सारे उपकरण विदेश में बनते हैं और भारत में इम्पोर्ट होकर आते हैं, अतः IVF इलाज का खर्चा पुर्णतः IVF इंजेक्शन एवं उपकरणों के खर्चे पर निर्भर होता है .

हर साल इम्पोर्ट ड्यूटी में इज़ाफा होने की वजेह से IVF का खर्चा बढ़ता जाता है . साथ ही IVF की फील्ड में आधुनिक रिसर्च की वजेह से IVF की सफलता दर में बहुत बढ़ोतरी हुई है, आज से 10 साल पहले IVF की सफलता दर 35% थी, परन्तु आज रिसर्च एवं अत्याधुनिक उपकरणों की वजेह से IVF की सफलता दर 65% तक पायी जाती है .

निरंतर रिसर्च एवं विकास की वजेह से IVF का खर्चा 2022 में करीबन एक से डेढ़ लाख रूपये है .

कई मरीजों को ये खर्च बहुत ज्यादा लगता है , इसलिए हम IVF पार्ट पेमेंट की सुविधा देते हैं मरीजों को जिसमे वो 2 से ३ महीने में किश्तों में IVF करवा सके .

IVF का खर्चा सब मरीजों के लिए एक सा क्यूँ नहीं होता है ?

मरीज़ की उम्र , निःसंतान  होने की वजेह एवं उनके वजन पर निर्भर होता है की उन्हें IVF इंजेक्शन की क्या दोस लगेगी . 

क्यूंकि किसी भी 2 मरीज़ में ये सारे करक एक से नहीं होते हैं , इसलिए IVF का खर्चा भी एक सा नहीं होता .

कई IVF सेंटर IVF पैकेज एक से रखते हैं ताकि IVF का खर्चा समझाना आसान हो .

क्या कम उम्र में IVF करवाने पर खर्चा कम लगता है ?

हाँ . परन्तु बहुत से और कारकों पर निर्चार होता है IVF का खर्चा . यदि शुक्राणु की रिपोर्ट बहुत खराब है या निल शुक्राणु की समस्या है तो TESA प्रक्रिया करवाने की ज़रूरत पद सकती है, जिस वजह से IVF का खर्चा बढ़ सकता है .

क्या आयुष्मान कार्ड होने पर IVF इलाज फ्री में हो जाता है ?

आयुष्मान भारत के रजिस्टर्ड अस्पताल में IVF जब स्वयं के अंडे या शुक्राणुओं से हो रहा हो तो इलाज फ्री में होता है .

हमारा IVF क्लिनिक आयुष्मान  भारत रजिस्टर्ड सेंटर न होने के कारण हम आयुष्मान भारत के मरीजों को पूरी तरह  नि:शुल्क नहीं पर करीबन 40% की छूट देते हैं IVF पैकेज पर . 

मरीजों का ये जानना ज़रूरी है की निःशुल्क इलाज जिस भी सेंटर पर हो वहां IVF लैब ज़रूरी नहीं है की अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हो , इसी वजह से IVF की सफलता दर पर फरक पड़  सकता है .

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