इंदौर में टेस्ट ट्यूब बेबी या आईवीएफ

आईवीएफ या टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया की ज़रूरत कब होती है?

निम्न समस्याओं के कारण आईवीएफ या टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया की ज़रूरत हो सकती है:

 फॉलोपियन ट्यूब्स बंद होना।

बंद ट्यूब के कारण अंडाशय में से निकलने वाले अण्डों का निषेचन संभव नहीं होता है , इसलिए  IVF या टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया द्वारा ये प्रक्रिया शरीर के बहार IVF लैब में की जाती है . इस प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी हेतु ये ब्लॉग पढ़ें

सारी जांचें सामान्य होने पर भी गर्भधारण न कर पाना ।

कई बार महिला एवं पुरुष की सारी  जांचें सामान्य होने के बावजूद प्रेगनेंसी नहीं हो पाती , ऐसे में महिला की बढती उम्र को ध्यान रखने हुए, ज़रूरी है की कृत्रिम गर्भाधान के बारे में सोचा जाए. कृत्रिम गर्भाधान के दो तरीके होते हैं, IUI एवं IVF . 

पुरुषों में शुक्राणुओं की मात्रा में कमी या शुक्राणु न होना ।

शुक्राणु की जाँच  की रिपोर्ट में जब पुरुशुं में शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की मोटिलिटी की कमी की रिपोर्ट आये तब IVF करवाना अनिवार्य होता है.

अंडे बनने में अनियमितता ( PCOD ) या अंडे न बनना ।

PCOD यानी महिलाओं में अंडे बन्ने की समस्या हो तो IVF से सफलता मिल सकती है .

महिलाओं की बढ़ती उम्र या रजोनिवृत्ति के पाश्चात गर्भधारण ।

35 की उम्र के बाद महिलाओं का नेचुरल रूप से गर्भधारण करने की समस्या बढ़ जाती है इसलिए ज़रूरी है की ज्यादा समय न बर्बाद करते हुए, मरीज़ एक IVF स्पेशलिस्ट की राय ले एवं IVF ट्रीटमेंट के बारे में सोचे .

बार बार IUI /IVF में असफलता ।

जब मरीज़ एक से अधिक बार IVF यानी टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया में असफल रहा हो तब प्राकृतिक रूप से माँ बन्ने की संभावना बहुत कम हो जाती है और मरीज़ के पास दोबारा IVF करवाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता . ऐसे में किसी अनुभवी एवं बेस्ट IVF स्पेशलिस्ट की सलाह लेना अनिवार्य है .

टेस्ट ट्यूब बेबी या आईवीएफ प्रक्रिया कैसे की जाती है

इंदौर में टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया का खर्च

आईवीएफ या टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया के दौरान:

  • अंडाशय को दवाइयों एवं इंजेक्शंस द्वारा उत्तेजित किया जाता है ताकि अधिक मात्रा में अंडे मिल सके।
  • साथ ही सोनोग्राफी द्वारा अण्डों की परिपक्वता की नियमित जाँच की जाती है ।
  • उचित समय आने पर, इंजेक्शन द्वारा अंडो की फूटने का संकेत दिया जाता है।
  • अंडे फूटने के इंजेक्शन के ३४ से ३६ घंटों के पश्चात ओवम पिकअप प्रक्रिया द्वारा अण्डों को शरीर में से निकल लिया जाता है ।
  • अण्डों का निषेचन पति द्वारा दिए गए शुक्राणुओं के साथ आईवीएफ लैब में किया जाता है।
  • निषेचित अण्डों को इन्क्यूबेटर्स में रखा जाता है।
  • ३ से ५ दिन पश्चात भ्रूणों को महिला के गर्भाशय में प्रस्थापित किया जाता है, एवं अतिरिक्त भ्रूणों को कर्योपरेसेर्वेशन प्रक्रिया द्वारा संगृहीत किया जाता है।
  • एम्ब्र्यो ट्रांसफर – भ्रूण प्रस्थापन के प्रक्रिया के १३ से १४ दिन पश्चात खून की जाँच द्वारा प्रेगनेंसी का पता लगाया जाता है ।
IUISuccessRate

IUI प्रक्रिया कब करवानी चाहिए या IVF ?

IUI प्रक्रिया तभी की जाती है जब महिलाओं की ट्यूब खुली हो एवं परुष में शुक्राणु की संख्या एवं गतिशीलता ठीक हो . साथ ही महिला की उम्र ३२ वर्ष से कम हो .

यदि महिला की ट्यूब बंद हो या पुरुष की शुक्राणु की रिपोर्ट नार्मल न हो तो ऐसे में IVF द्वारा ही प्रेगनेंसी हो सकती है .

एक IUI साइकिल का खर्च तकरीबन 8000 से 10000 होता है और उसकी सफलता दर 10 % से 15 % होती है , वहीँ एक IVF साइकिल की सफलता दर तकरीबन 60% से 65% होती है इसलिए उसका IVF का खर्चा 1 लाख से 1.5 लाख तक होता है .

क्या IVF करवाने पर पूरी तरह  बेड रेस्ट करना ज़रूरी है ?

नहीं ये बात बिलकूल सच नहीं है . IVF के बाद महिला अपनी सामान्य घरेलु एवं ऑफिस के काम काज कर सकती है , डॉक्टर की तरफ से इस बात की कोई परहेज़ नहीं होती है .

कई स्टडीज ये सिध्ध कर चुकी है की महिलाओं का IVF करवाने के बाद सक्रिय रहने से IVF के नतीजे बेहतर होते हैं .

IVF करवाने के लिए कितनी बार क्लिनिक पर आना पड़ता है ? 

यदि आप इंदौर से बहार रहते हैं और इंदौर में IVF करवाना चाहते हैं तो आपको IVF के इलाज के दौरान कम से कम तीन बार इंदौर  आना पड़ेगा .

पहली बार मरीज़ को ३ से 4 घंटे का समय निकाल कर अपनी जाँच के लिए इंदौर आना होता है , इसके पश्चात वो IVF इंजेक्शन अपने साथ पैक करवाकर उसी दिन वापस लौट सकते हैं .

दूसरी बार मरीज़ को 3 से 4 दिनों के लिए इंदौर आना होगा, जिस दौरान IVF की प्रक्रिया की जायेगी.

तीसरी बार एक दिन के लिए इंदौर आना होगा जब IVF की प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी .

क्या IVF की प्रक्रिया में बहुत दर्द होता है ?

नहीं. IVF के दौरान लगने वाले इंजेक्शन में मामूली दर्द होता है . अक्सर मरीज़ को  बर्फ की सिकाई  करने पर आराम मिलता है .

IVF की प्रक्रिया में अंडाशय में से अंडे निकालने की प्रक्रिया निश्चेतना की अवस्था में की जाती है इसलिए उस वक़्त दर्द महसूस नहीं होता .

IVF में कितने इंजेक्लशन  लगते हैं ?

पूरी IVF की एक साइकिल में 15 से 20 इंजेक्शन लगते हैं . ये इंजेक्शन रोज़ एक ही समय लगते हैं .

इंजेक्शन के बारे में अधिक जानकारी हेतु आप ये विडियो देख सकते हैं : 

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